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कृष्ण जन्माष्टमी

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कृष्ण जन्माष्टमी जिसे जन्माष्टमी या गोकुलअष्टमी के नाम से भी जाना जाता है|  यह त्योहार हर साल श्रावण मास के कृष्णपक्ष में आठवेदिन मनाया जाता है|  प्रभु विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्णा के जन्म के अवसर पर यह त्योहार मनाया जाता है| हिंदुओं के वैष्णव पंथीयों में इस त्यौहार का एक अनन्य साधारण महत्व है| इस दिन भागवत पुराण, भग्वदगीता का वाचन और कृष्ण लीलाओं का गायन किया जाता है| कहीं लोग उपवास भी रखते हैं| पुरे भारतवर्षमें यह त्यौहार हर्ष और उल्हास के साथ मनाते हैं| खास कर मथुरा और  वृंदावन में बहुत यह त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है| 

Krishna Janmashtami
Krishna Janmashtami

महाराष्ट्र में गोकुलाष्टमी के दूसरे दिन दहीहंडी उत्सव का आयोजन होता है जो मुंबई, ठाणे, पुणे तथा अन्य शहरों में भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है|  बाल अवस्था में भगवान कृष्ण उनके सखा और मित्रों के साथ मिलकर नगरजनों के घरोसे माखन चुराया करते थे और सभी मित्र एक साथ मिलकर उस माखन का आनंद लेते थे|  प्रभु श्रीकृष्ण के इन्हीं लिलाओ याद करते हुए यह त्यौहार मनाया जाता है| 

इस दिन दहीहंडी फोड़ने की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है  बाल गोपालोंके दल एक के ऊपर एक परत रचकर ऊंचाई पर बांधी गई मटकी  फोड़ते हैं| यह त्योहार सामाजिक एकता और सद्भावना का प्रतीक माना जाता है इसमें शामिल होने वाले बाल गोपालों में ना कोई गरीब होता है ना कोई श्रीमंत, ना कोई उच्च न कोई नीच  सब घुल मिलकर यह त्यौहार बड़ी उत्साह और रोमांच के साथ मनाते हैं|

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